आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अच्छी प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) होना बेहद ज़रूरी है। बदलते मौसम, प्रदूषण और अनियमित दिनचर्या के चलते शरीर बीमारियों की चपेट में आसानी से आ सकता है। ऐसे में यदि आप अपनी डाइट में फलों को शामिल करते हैं, तो यह आपकी इम्युनिटी को नैचुरल तरीके से मजबूत कर सकता है।
आइए जानते हैं कैसे हम फलों से अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए। फलों का हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण स्थान है। इनमें प्रमुख शक्तिदायक तत्व शर्करा के रूप मे रहता है।
फलों में विटामिन्स और खनिज लवण प्रचुर मात्रा में होते है एवं इनमे वसा नहीं होता है अतः ये हमारे शरीर में हो रही समस्याओं के उपचार में तो उपयोगी होते ही हैं साथ ही साथ इससे हमारी इम्यून सेल्स मजबूत होती है जो हमें विभिन्न प्रकार के बीमारियों से बचाए रखती है।
फल फायदेमंद क्यों हैं?
फल विटामिन्स, मिनरल्स, एंटीऑक्सिडेंट्स और फाइबर का बेहतरीन स्रोत होते हैं। ये शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करते हैं और रोगों से लड़ने की ताकत बढ़ाते हैं। इसके अलावा, फल पाचन को बेहतर बनाते हैं और शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करते हैं।
फलों को शामिल करें अपने आहार में
शरीर की पोषक तत्वों संबन्धित दैनिक आवश्यकता की विशेषकर सुरक्षात्मक तत्वों की पूर्ति हेतु फलों का हमारे आहार में समावेश जरूरी है।
रस निकाल कर खाने के अपेक्षा फल का सम्पूर्ण भोजनीए अंश खाना अच्छा होता है क्योंकि गूदे एवं छिलके में सटे विटामिन्स एवं मिनरल्स होते है जो रस निकालने पर अवशिष्ट से सटे रह जाते है और ग्रहण करने वाले को उनका लाभ नहीं मिल पाता है।
कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग अक्सर बीमारी के चपेट मे आ जाते है | इसलिए हमें अपनी इम्यून सेल्स को मजबूत करने के लिए फलों को अपने आहार में प्रतिदिन शामिल करनी चाहिए।
ये एंटि-आक्सिडेंट गुणों के भंडार होते है तो आइये जानते है कौन कौन से फल हमारी इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।
इसे भी पढें: अब फलों से बढ़ाए अपनी खूबसूरती जानें फ्रूट फेशियल के फायदे | benefits of fruit fecial in hindi
1. संतरा (orange)
संतरा एक प्रकार का मौसमी फल है। इसमें विटामिन C की भरपूर मात्रा होती है। इसके अलावा इसमें विटामिन A, B, calcium, magnesium, potassium, phosphorus, कोलिन आदि प्रचुर मात्रा में पोष्टिक तत्व पाये जाते हैं। इसमे पाये जाने वाला विटामिन C उच्च कोटि का होता है।
ये एंटि-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते है और इसमें कैलोरीज़ काफी कम मात्रा में पाई जाती है। इसमें डायटरी फाइबर होता है जो हानिकारक तत्वों को शरीर से निकालने मे सहायक होता है।
संतरे में मौजूद विटामिन C या साइट्रिक एसिड हमारे त्वचा को स्वस्थ एवं निरोग रखने में सहायक होता है। यह घाव को जल्दी भरने में भी सहायक होती है।
इसके अलावा इसमें 170 से भी ज्यादा फाइटो- केमिकेल और 60 से ज्यादा फ्लेवोनोइडस पाये जाते है जो सूजन कम करने में प्रभावी होते हैं।
2. सेब (Apple)
सेब में सभी आवश्यक पोषक तत्वों की भरमार होती है। इसके नियमित इस्तेमाल से शरीर में जर्म्स और बकटेरिया से लड़ने की ताकत मिलती है। ये एंटि-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं।
इसमे मौजूद पौलिफेनोल और फ्लेवोनोइड्स हृदय एवं फेफड़ों संबन्धित स्वास्थ्य के लिए कारगर है। इसमें कोलेस्ट्रॉल को कम करने का अनोखा गुण पाया जाता है और यह दमे के अटैक को भी रोकता है।
इसके अलावा सेब में फाइबर, विटामिन B, C, K, आयरन और मिनरल्स पाये जाते हैं जो हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाने में सहायक होते है इसके नियमित सेवन से शरीर का ph स्तर नियंत्रित रहता है।
इसके छिलके में पाये जाने वाला पेक्टिन पाचन तंत्र को मजबूत करता है।सेब में पाचन तंत्र को सुधारने की अद्भुत क्षमता होती है।
इसे भी पढें: इन ड्राइ फ्रूट्स के सेवन से होगी हमारी इम्यूनिटी मजबूत Immunity Boosting Dry Fruits in Hindi
3. केला (Banana)
केला को इंस्टेंट एनर्जी बूस्टर कहा जाता है क्योकि इसे खाने से तुरंत एनर्जी मिलती है। यह कच्चे (raw) एवं पका हुआ दोनों प्रकार से खाने में फायदेमंद होता है। प्रतिदिन यदि कच्चे केले का सेवन किया जाय तो इससे हमें जलन, पित्त, घाव, कफ आदि रोगों मे आराम मिलता है।
केले में उच्च मात्रा में फाइबर पाया जाता है इसके अलावा इसमें फोलेट, विटामिन ए, सी, प्रोटीन, मग्नेशियम, पोटाशियम व मिनिरल भी पाया जाता है।
इसमे पाये जाने वाला पोटाशियम गुर्दे की पथरी के जोखिम को कम करता है। दिल की धड़कन को नियमित रखता है, रक्तचाप को नियंत्रित रखता है।
एक मध्यम आकार के केले में 422 मिलीग्राम पोटाशियम होता है। इसमें मौजूद विटामिन A आंखों के लिए लाभदायक होता है।
केले में पाए जाने वाला शर्करा ग्लुकोज़, सुक्रोज़ एवं फ्रक्टोज़ के नाम से जाना जाता है। इसमें पाये जाने वाला फाइबर कब्ज दूर करता है। एसिडिटि की समस्या से निजात दिलाता है। प्रतिदिन इसके सेवन से बालों की समस्या दूर होती है एवं त्वचा के लिए फायदेमंद रहती है।
और पढ़ें : बच्चों की इम्यूनिटी पावर बढ़ाने के कारगर उपाय
4. अनार (Pomegranate)
अनार में एंटि-आक्सिडेंट और एंटि-इन्फ्लेमेटेरी गुण पाये जाते हैं। बैक्ट्रीरियल और फंगल संक्रमण को रोकने के लिए भी अनार का प्रयोग किया जाता है।
अनार में आयरन भरपूर मात्रा में होता है जिसके कारण एनीमिया के रोगियों के लिए बहुत हीं लाभकारी होता है। इसमें फाइबर भी प्रमुख रूप से पाया जाता है।
अनार के बीज का तेल हमारी बीटा सेल्स की कार्य क्षमता में सहयोगी होता है। इसलिए ये हमारी कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के कारण होने वाले बीमारियों से बचाव करता है।
अनार में पाये जाने वाला एंटी-हाइपर कैल्सीयूरिया एवं एंटी-यूरोलिथियासिस किडनी में स्टोन की समस्या में लाभकारी होता है। यह ऑक्सिडटिव स्ट्रेस को दूर करने के साथ हीं अल्ज़ाइमर के जोखिम को भी कम करता है। इसमें रक्तचाप को नियंत्रित करने का भी गुण होता है।
यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनाने मे भी मदद करता है। अनार में कुछ ऐसे प्राकृतिक गुण होते हैं जो स्तन के कैंसर को रोकने में प्रभावी होते है। अनार के जूस मे 54 कैलोरी होती है इसमें विटामिन्स एवं पोटाशियम भी अधिक मात्रा में होती है।
प्रतिदिन इसके सेवन से कब्ज जैसी समस्या से भी निजाद मिलता है।
5. कीवी (kivi)
कीवी में विटामिन्स एवं पोषक तत्वों की भरमार होती है। इसमें फाइबर, विटामिन ए, सी, इ, कैट्रेनाइडस और कई तरह के पोषक तत्व पाये जाते हैं।
यह एंटि-ऑक्सीडेंट एवं एंटि–इन्फ्लेमेटेरी गुणों से युक्त होता है। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होने ये पाचन क्रिया को भी दुरुस्त रखता है। जिसके कारण कब्ज में भी राहत मिलती है।
इसमें पाये जाने वाला विटामिन C की मात्रा दो संतरे के बराबर होती है जो हमें कई तरह के त्वचा के संक्रमण से बचाता है। यह फोलिक एसिड का भी अच्छा स्रोत होता है।
इसके नियमित सेवन से शरीर में कोलेस्टेरोल लेवल भी नियंत्रित रहता है। कीवी के नियमित सेवन से त्वचा की कोशिकाए लंबे समय तक सुरक्षित रहती है।
एनीमिया के रोगियों को इसके सेवन की सलाह दी जाती है। इसमे ग्लाइकेमिक इंडेक्स कम मात्रा में होने के कारण रक्त में ग्लूकोज नहीं बढ़ता है।
इसे भी पढें: जानिए अमरूद खाने के फायदे एवं नुकसान
6. अमरूद (Gvava)
अमरूद एंटि एजिंग गुणों से भरपूर होता है। इसमें विटामिन C, पोटाशियम और carotenoids अधिक मात्रा में होती है जिसके कारण पाचन क्रिया मजबूत बनती है और खांसी जुकाम, त्वचा रोग आदि से निजाद दिलाता है।
इसमें लाइकोपीन, ल्यकोपेन, प्रोटीन, आयरन, विटामिन A और उच्च कोटी का फाइबर पाया जाता है। इसमें अन्य फलों की तुलना में शुगर की मात्रा काफी कम होती है।
इसमें मौजूद विटामिन B3 एवं विटामिन B6 दिमाग के रक्त प्रवाह को पोषित करता है। अमरूद में एंटि-ऑक्सीडेंट एवं एंटि-बैक्ट्रेरियल गुण पाया जाता है। इसमें पाये जाने वाला लाइकोपीन शरीर में कैंसर सेल को बनने से रोकता है।
7. अंगूर (Grapes)
अंगूर विटामिन्स, मैग्निशियम, फास्फोरस, आयरन, पोटाशियम, तांबा, जिंक आदि से युक्त एक प्रकार का एक सर्वोत्तम फल है। इसका पल्प ग्लूकोज व शर्करायुक्त होता है।
इसमें पाए जाने वाले रेस्वेरट्रोल नमक तत्व इम्यून सिस्टम की कार्यशैली को दुरुस्त रखता है इसके नियमिन सेवन से शरीर में रक्त का थक्का नहीं बन पाती है।
इसमें मोजूद पोटाशियम है ब्लड प्रेशर, है कोलेस्ट्रोल एवं ह्रदय की बीमारियों में लाभदायक होता है।
अंगूर में एंटी-ऑक्सिडेंट एवं एंटी इन्फ्लामेटेरी गुण के साथ हीं साथ इसमें बहुत हीं कम मात्र में कैलोरीज पाई जाती है। इसके दानों में पॉली-फ्नोलिक फाइटाकेमिकल कंपाउंड पाई जाती है। इसके नित्य सेवन से शारीर में मौजुद विषाक्त पदार्थों का स्तर नियंत्रित रहता है।
इसके जूस में 54 कैलोरी होती है इसमें विटामिन्स एवं पोटाशियम भी अधिक मात्रा में होती है। प्रतिदिन इसके सेवन से कब्ज जैसी समस्या से भी निजाद मिलता है।
8. बेरीज़ (ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी आदि)
इनमें भरपूर एंटी-ऑक्सिडेंट होते हैं जो शरीर में सूजन को कम करते हैं और इम्युनिटी को बूस्ट करते हैं। स्ट्रॉबेरी में विटामिन C, मैंगनीज और एंथोसायनिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह स्वादिष्ट होने के साथ पोषण से भी भरपूर फल है।
स्ट्रॉबेरी के फायदे:
-
शरीर को विटामिन C प्रदान करती है।
-
प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज में मदद करती है।
-
त्वचा के लिए उपयोगी पोषक तत्व देती है।
-
फाइबर के कारण पाचन में सहायता करती है।
-
शरीर को एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करती है।
9. अनानास (Pineapple)
अनानास में विटामिन C, मैंगनीज और ब्रोमेलैन नामक एंजाइम पाया जाता है। यह शरीर को पोषण देने के साथ भोजन में स्वाद और विविधता भी जोड़ता है।
अनानास के फायदे
-
शरीर को विटामिन C प्रदान करता है।
-
प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कार्य में योगदान देता है।
-
पाचन में सहायता करने वाले एंजाइम मौजूद होते हैं।
-
शरीर को एंटीऑक्सीडेंट देता है।
-
संतुलित आहार में शामिल करने के लिए अच्छा विकल्प है।
10. तरबूज (Watermelon)
तरबूज में पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसमें लाइकोपीन, विटामिन C और कुछ मात्रा में विटामिन A के अग्रदूत भी पाए जाते हैं।
तरबूज के फायदे:
-
शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।
-
एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करता है।
-
गर्मियों में शरीर को तरोताजा रखता है।
-
कम कैलोरी वाला फल है।
-
संतुलित आहार का अच्छा हिस्सा बन सकता है।
11. आम (Mango)आम को फलों का राजा कहा जाता है। इसमें विटामिन A के अग्रदूत बीटा-कैरोटीन, विटामिन C और फाइबर पाए जाते हैं। यह स्वाद के साथ शरीर को कई पोषक तत्व प्रदान करता है।
आम खाने के फायदे:
-
प्रतिरक्षा प्रणाली को जरूरी पोषक तत्व देता है।
-
आंखों के सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है।
-
त्वचा को पोषण प्रदान करता है।
-
पाचन में सहायता करने वाला फाइबर देता है।
-
शरीर को एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करता है।
12. मौसंबी (Sweet Lime)मौसंबी एक लोकप्रिय खट्टा-मीठा फल है। इसमें विटामिन C और पानी की अच्छी मात्रा होती है। गर्मियों में यह शरीर को तरोताजा रखने के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।
मौसंबी के फायदे:
-
शरीर को विटामिन C प्रदान करती है।
-
पानी की कमी पूरी करने में मदद करती है।
-
प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज में योगदान देती है।
-
शरीर को कुछ जरूरी एंटीऑक्सीडेंट देती है।
-
हल्के नाश्ते के रूप में उपयोगी है।
13. नींबू (Lemon)
नींबू विटामिन C का अच्छा स्रोत है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कार्य में सहायता करते हैं। नींबू का इस्तेमाल भोजन और पेय पदार्थों में आसानी से किया जा सकता है।
नींबू के फायदे:
-
शरीर को विटामिन C देता है।
-
आयरन के अवशोषण में सहायता करता है।
-
भोजन का स्वाद बढ़ाता है।
-
शरीर को एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करता है।
-
पर्याप्त पानी के साथ सेवन करने पर हाइड्रेशन में मदद करता है।
14. चीकू (Sapodilla)चीकू एक मीठा और ऊर्जा प्रदान करने वाला फल है। इसमें फाइबर, पोटैशियम और कुछ मात्रा में विटामिन C पाया जाता है।
चीकू खाने के फायदे:
-
शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।
-
फाइबर के कारण पाचन में मदद करता है।
-
शरीर को कुछ जरूरी मिनरल्स प्रदान करता है।
-
संतुलित आहार में विविधता लाता है।
-
पेट को भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है।
15. पपीता (Papaya)
पपीता आसानी से मिलने वाला पौष्टिक फल है। इसमें विटामिन C, विटामिन A के अग्रदूत बीटा-कैरोटीन और फाइबर मौजूद होते हैं। इसमें पपेन नामक एंजाइम भी पाया जाता है, जो प्रोटीन के पाचन में सहायता करता है।
पपीता खाने के फायदे:
-
प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जरूरी पोषक तत्व देता है।
-
आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।
-
पाचन में सहायता करता है।
-
कब्ज से राहत पाने में मदद कर सकता है।
-
त्वचा के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है।
फल खाने का सही तरीका
-
हमेशा ताज़े और मौसमी फल खाएं।
-
फलों को खाली पेट या भोजन से 30 मिनट पहले लेना ज्यादा फायदेमंद होता है।
-
फलों का जूस पीने की बजाय पूरा फल खाएं, जिससे फाइबर भी मिले।
-
बहुत अधिक पके हुए या कटे फल लंबे समय तक न रखें।
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए फल खाने का सही समय
फल खाने का कोई एक निश्चित समय नहीं है। आप अपनी सुविधा और भूख के अनुसार दिन के अलग-अलग समय पर फलों का सेवन कर सकते हैं।
सुबह नाश्ते में: सुबह के नाश्ते में पपीता, सेब, अमरूद या कीवी शामिल कर सकते हैं। इससे शरीर को फाइबर और जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं।
दोपहर में: दोपहर के भोजन के बीच या कुछ समय बाद मौसंबी, संतरा या अनार खा सकते हैं।
शाम के नाश्ते में: शाम को भूख लगने पर अंगूर, स्ट्रॉबेरी या सेब का सेवन कर सकते हैं।
गर्मियों में: तरबूज और मौसंबी जैसे पानी से भरपूर फल अच्छे विकल्प हैं।
ध्यान रखें कि फल खाने के लिए खाली पेट होना जरूरी नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि आप रोजाना पर्याप्त मात्रा में फल और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ खाएं।
इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए फलों का सेवन कैसे करें?
सिर्फ फल खरीदकर घर में रख लेना पर्याप्त नहीं है। इनका सही तरीके से सेवन करना भी जरूरी है।
-
साबुत फल खाएं: जूस के बजाय साबुत फल खाने की आदत डालें, ताकि शरीर को फाइबर भी मिल सके।
-
मौसमी फल चुनें: मौसम के अनुसार मिलने वाले ताजे फल अपनी डाइट में शामिल करें।
-
अलग-अलग रंगों के फल खाएं: हरे, लाल, पीले और नारंगी रंग के फल अलग-अलग पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
-
अधिक चीनी से बचें: फलों के जूस या सलाद में अतिरिक्त चीनी मिलाने से बचें।
-
फल अच्छी तरह धोएं: खाने से पहले फलों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें।
-
एक ही फल पर निर्भर न रहें: अलग-अलग फल खाने से कई प्रकार के पोषक तत्व प्राप्त होते हैं।
-
ताजे फल खाएं: कटे हुए फलों को लंबे समय तक खुले में रखने से बचें।
इम्यूनिटी के लिए फल खाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
फल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन इनका सेवन करते समय कुछ सावधानियां रखना जरूरी है।
-
किसी भी फल का अत्यधिक सेवन न करें।
-
फलों के पैकेट वाले जूस के बजाय ताजे साबुत फल चुनें।
-
डायबिटीज से पीड़ित लोग फलों की मात्रा और कार्बोहाइड्रेट पर ध्यान दें।
-
किसी फल से एलर्जी होने पर उसका सेवन न करें।
-
फलों को काटने से पहले अच्छी तरह धोएं।
-
पहले से कटी हुई और लंबे समय तक बाहर रखी फल सामग्री खाने से बचें।
-
किडनी की बीमारी या विशेष मेडिकल डाइट होने पर डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से फल चुनें।
एक जरूरी बात यह भी है कि कोई भी फल संक्रमण से पूरी तरह सुरक्षा की गारंटी नहीं देता। फल शरीर को जरूरी पोषण देते हैं, लेकिन टीकाकरण, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली का विकल्प नहीं हैं।
क्या केवल फल खाने से इम्यूनिटी मजबूत हो सकती है?
नहीं, केवल फल खाने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह मजबूत नहीं हो सकती। शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सही तरीके से काम करने के लिए कई प्रकार के पोषक तत्वों की जरूरत होती है।
उदाहरण के लिए, विटामिन C के साथ-साथ विटामिन D, जिंक, आयरन, प्रोटीन और विटामिन A भी महत्वपूर्ण हैं। इनमें से कई पोषक तत्व दालों, हरी सब्जियों, दूध, दही, मेवे, बीज और अन्य खाद्य पदार्थों से प्राप्त होते हैं।
इसलिए अपने भोजन में फलों के साथ सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ भी शामिल करें। संतुलित आहार ही स्वस्थ शरीर के लिए सबसे अच्छा तरीका है।
निष्कर्ष
फलों से अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना एक आसान और प्राकृतिक तरीका है, बशर्ते इन्हें संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जाए। अमरूद, आंवला, संतरा, कीवी, पपीता, अनार और स्ट्रॉबेरी जैसे फल विटामिन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं, जो शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।
आपको अपनी डाइट में महंगे या विदेशी फलों को शामिल करने की जरूरत नहीं है। स्थानीय और मौसमी फल भी पोषण के बेहतरीन स्रोत हो सकते हैं। सबसे जरूरी है कि आप रोजाना अलग-अलग प्रकार के फल खाएं, पर्याप्त नींद लें, पानी पिएं और नियमित व्यायाम करें।
याद रखें, मजबूत स्वास्थ्य किसी एक फल या एक दिन की डाइट से नहीं, बल्कि रोजाना अपनाई गई अच्छी आदतों से बनता है।
इसे भी पढें:
कमजोर प्रतिरोधक क्षमता से होने वाले जोखिम (Risk from weak immune system)
जानिए इन आठ तरीकों से बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के उपाय |bachcho ki immunity badhane ke upay
बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए क्या खिलाना चाहिए जिससे बच्चे रहे स्वस्थ एवं निरोग
प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए अपनाए ये उपाय | Immune system strong kaise kare




















