गार्नियर का ये ब्लैक नैचुरल शेड काफी डिमांड में रहता है क्योंकि इसे अप्लाई करने से हेयर में नैचुरल फिनिशिंग आती है और हेयर भी नैचुरल हीं लगता है। इसके साथ हीं गार्नियर के इस शेड को इस्तेमाल करने का तरीका बिल्कुल आसान है, ज्यादा वक़्त भी नहीं लगता है।
ये सिर्फ ग्रे हेयर को नहीं छुपाता बल्कि हेयर को अन्य डेमेज से भी बचाता है। वैसे तो गार्नियर में आपको बहुत सारे शेड्स मिल जायेंगे, आप अपनी पसंद के अनुसार चुन सकते हैं।
मैंने गार्नियर ब्लैक नैचुरल शेड 2.0 चुना क्योंकि मैं अपने हेयर को नैचुरल ब्लैक हीं रखना चाहती थी ताकि किसी को पता न चले कि हेयर कलर का इस्तेमाल किया गया है। इसे घर पर हीं अप्लाई कर सकते हैं और सलाॅउ जैसा रिजल्ट भी मिल जाता है।
इस अर्टिकल में आपको इस शेड का रिव्यू सुनने को मिलेगा। मैं अपने अनुभव के बारे में बताऊंगी। वैसे तो इस शेड का इस्तेमाल हर स्किन टाइप के लोग कर सकते हैं, यहाँ तक कि सेंसिटिव स्किन वाले भी क्योंकि इसमें हानिकारक पदार्थ का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
Garnier black natural shade 2.0 orignal black review
परिचय
गार्नियर ब्लैक नैचुरल शेड 2.0 हेयर कलर सेफ इंग्रेडिएंट्स से बना है, वैसे तो इसमें ऐसा कोई इंग्रेडिएंट नहीं है जिससे मेरे स्किन को नुकसान हुआ हो। लेकिन आप अपनी सेफ्टी के लिए एक बार पैच टेस्ट जरूर कर लें। मेरा स्केल्प थोड़ा ऑयली है और मेरे हेयर और स्केल्प के लिए तो ये हेयर कलर अच्छा निकला।
हाँ, इसका असर ज्यादा वक़्त तक नहीं रहता है, 3-4 सप्ताह के बीच कलर फेड हो जाता है। इसमें भी अगर कोई ज्यादा शैंपू का इस्तेमाल कर ले वो भी ऐसे जिसमें सल्फेट वगेरा हो तो 2 सप्ताह के अंतर्गत हीं कलर फेड हो जायेगा। मैं वैसे भी ज्यादा शैंपू नहीं करती हूँ तो मेरे लिए ये आसान था।
इसके साथ हीं इसमें मुझे ज्यादा वक़्त भी नहीं देना पड़ा, अप्लाई करने के बाद बस 15 मिनट तक छोड़ दिया फ़िर अपने हेयर को साफ पानी से वॉश कर लिया। इसे भी पढें: क्यों चुनें गार्नियर ब्लैक नैचुरल? जानिए इसके बेहतरीन 25 फायदे
पैकेजिंग और प्रेजेंटेशन
इस प्रोडक्ट की पैकेजिंग काफी आकर्षक और यूज़र-फ्रेंडली होती है। बॉक्स में आपको दो सैशे मिलते हैं—एक कलरेंट और दूसरा डेवलपर। इसके साथ एक छोटा सा कंडीशनर और उपयोग के निर्देश भी दिए जाते हैं।
पैकेजिंग का डिजाइन ऐसा होता है कि पहली बार इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति भी बिना किसी कन्फ्यूजन के इसे उपयोग कर सकता है। इसके अलावा, इसका कॉम्पैक्ट साइज इसे यात्रा के दौरान ले जाने के लिए भी सुविधाजनक बनाता है।
मुख्य इंग्रेडिएंट्स
इसमें इस्तेमाल किया गया इंग्रेडिएंट्स और फॉर्मूला सेफ हीं है। मुख्य रूप से इसमें अल्मोंड ऑयल, ब्लैक टी एक्स्ट्रैट और कलरिंग एजेंट का यूज़ किया गया है। कलर के साथ ये हेयर को नैरिश्मेंट भी देते है जिससे हेयर और स्केल्प ड्राई नहीं होते, उनमें माॅइश्चर रहता है।
इसमें अमोनिया जैसे हानिकारक पदार्थों का इस्तेमाल भी नहीं किया गया है और न हीं कोई हार्मफूल केमिकल का इस्तेमाल किया गया है जिससे बालों को नुकसान हो। इसे भी पढें: गार्नियर कलर नैचुरल क्रीम रिच शेड 1 रिव्यू नैचुरल ब्लैक
इसका टेक्स्चर क्रिमी जरूर होता है मगर अप्लाई करना आसान होता है। हार्ड नहीं होता है और न हीं स्लिप्परि होता है तो जहाँ अप्लाई करो वहीं रहता है। आप इसे बड़ी आसानी से पूरे हेयर पर स्प्रेड कर सकते हैं, मिक्स्चर बनाते वक़्त बस ज्यादा पानी का इस्तेमाल न करें।
काफी
टेक्स्चर और फ्राग्रेंस
स्मूथ और सॉफ्ट रिजल्ट देता है, बिल्कुल भी हार्ड या ड्राई नहीं होने देता है और फ्राग्रेंस की बात करें तो हाँ इसमें सेंट है जो कि फ्लोरल है और किसी भी स्किन के लिए सही है। हाँ लेकिन अगर आपको खास रूप से फ्लोरल सेंट से वा एलर्जी है तो आप इसे स्किप कर सकते हैं।
इसके साथ ये फ्राग्रेंस ज्यादा देर तक नहीं रहता है, कुछ देर में रिमूव भी हो जाता है। कोई भी स्ट्रांग केमिकल का सेंट नहीं आता है, काफी डिसेंट स्मेल आता है।
पैच टेस्ट कैसे करना है?
पैच टेस्ट करन तो सबसे जरूरी होता है और मैं हमेशा करती हूँ क्योंकि मुझे अपने हेयर और स्किन को लेकर कोई रिस्क नहीं लेना रहता है। तो पैच टेस्ट के लिए सबसे पहले मैंने कलरेंट और डेवेलोपर को मिक्स कर लिया और कलर करने के ठीक दो दिन पहले टेस्ट किया। मैं पहले पैच टेस्ट करती हूँ, उसके बाद प्री प्रेप करती हूँ। जरूरी नहीं आप बिल्कुल मेरी तरह हीं करें।
मैं एल्बो पर हीं पैच टेस्ट करना प्रेफर करती हूँ क्योंकि कान के पीछे का एरिया उतना अच्छा से दिखता नहीं है। तो मैं मिक्स्चर को एल्बो के अंदर साइड पर अप्लाई कर लेती हूँ, फिर उसे अच्छी तरह से ड्राई होने देती हूँ। जब अच्छी तरह से सुख गया तब कॉटन की मदद से उसे हटाया क्योंकि पानी का यूज़ करना मना किया गया है।
अच्छे से रब करने के बाद फ़िर से एक दिन तक देखना होता है कि उस एरिया में का बदलाव आये। अगर वहाँ सूजन हो गयी हो, लाल हो गया हो, पिंपल हो गया हो या जलन होने लगे तो समझ जाना कि इससे आपके स्किन को एलर्जी हो सकती है। अगर कोई रिएक्शन नहीं है तो आप यूज़ कर सकते हैं और मुझे कोई रिएक्शन नहीं हुआ इसलिए मैंने इस हेयर कलर का इस्तेमाल किया।
प्री प्रेप में क्या करना होता है?
अब कोई भी हेयर कलर कर लो, प्री प्रेप तो करना हीं पड़ता है हालाँकि बहुत मुश्किल नहीं होता है। इसे करने से कलर अच्छे से आयेगा। पैच टेस्ट भी प्री प्रेप का हीं पार्ट है और इस टेस्ट के बाद मैंने कलर करने के ठीक दो दिन पहले अपने हेयर को शैंपू कर लिया।
दो दिन में मेरा हेयर सेट हो जाता है, आप अपने हिसाब से शैंपू का यूज़ कर सकते हैं। शैंपू के बाद कहा जाता है कुछ भी नहीं करना होता है, ना हीं ऑलिंग करना है, ना कंडीशनर यूज़ करना है और ना हीं दुबारा शैंपू करना है। इसलिए मैंने शैंपू के बाद अपने स्केल्प को बिल्कुल ड्राई हीं छोड़ दिया।
अब सीधे दो दिन बाद जब मुझे अपने बालों को कलर करना था तब मैंने सब कुछ तैयार करना शुरू किया। मैंने गार्नियर का हेयर कलर किट भी लिया था तो मुझे सारे यूज़ होने वाली चीजें उसी किट में मिल गयी। मैंने सैशे (sachet) किट लिया था जो कि सिंगल यूज़ के लिए होता है, आप चाहे तो इसका मल्टीपल यूज़ बॉक्स भी ले सकते हैं।
मुझे अपने बॉक्स में कलरेंट क्रीम, डेवलपर, निर्देश का काग़ज़ और ग्लोव मिले। ब्रश मेरे पास पहले से हीं थी और मैं ज्यादा अपने उंगलियों से हीं अप्लाई कर लेती हूँ। इसके अलावा मैंने एक प्लास्टिक की कटोरी रखी और मैंने एक पुरानी टी शर्ट पहन कर हीं कलर अप्लाई किया क्योंकि मुझ से हर बार गिर हीं जाता है।
कैसे अप्लाई करना है?
इसे अप्लाई करने से पहले आपको पेस्ट बनाना होता है और थोड़ा अपने बालों को डीटैंगल भी करना होता है। तो मैंने कुछ इस प्रकार किया: सबसे पहले तो मैंने पेस्ट बना लिया, कलरेंट और डेवलपर को प्लास्टिक की कटोरी में अच्छी तरह से डाल कर मिक्स कर लिया और एक बढ़िया सा पेस्ट बना लिया।
इसमें अलमुनियम् के कटोरी को यूज़ करना मना किया जाता है ताकि रिएक्शन ना हो। पेस्ट के बाद मैंने अपने बालों को पहले तो अच्छे से कॉम्ब कर लिया उसके बाद मैंने अपने हेयर को चार हिस्सों में बाँट लिया। ऐसे करने से कलर अच्छी तरह से अप्लाई होता है इसलिए मै तो इस निर्देश को अच्छे से फॉलो करती हूँ। हमेशा मैं ग्लोव पहन कर ही कलर करने का काम करती हूँ क्योंकि मेरे हाथों में हमेशा लग जाती है।
अब बारी थी पेस्ट को अप्लाई करने कि तो मैंने ब्रश से शुरू किया और बालों के जड़ से अप्लाई करना शुरू किया। बालों को हिस्सों में बाँट लेने से ऐसे जड़ में लगाना आसान हो जाती है। मैं तो सबसे पहले जड़ पर हीं लगाती हूँ जो चार भाग में हेयर बांटा था।
इसके बाद वहाँ लगाती हूँ जिस एरिया को मुझे ढकना होता है और इसी प्रकार सब जगह अप्लाई हो जाता है। इसके बाद 15 मिनट तक अपने बालों वैसे ही छोड़ देती हूँ, मैं 15 मिनट से ज्यादा कभी नहीं छोड़ती क्योंकि मैंने पढ़ा था कि जितना लिखा होता है उतनी देर हीं छोड़ना रहता है, उससे ज्यादा छोड़ने पर नुकसान होता है।
इसके बाद मैंने अपने बालों को वॉश कर लिया साफ पानी से। जब पानी आपके बालों में आसानी से फ्लो करने लगेगा तब समझ जाना कि कलर अच्छी तरह से धूल चुका है।
आफ्टरकेयर
बस कलर को वॉश करना हीं काफी नहीं है, इसके बाद आफ्टरकेयर भी करना पड़ता है। वॉश करने के तुरंत बाद शैंपू का तो यूज़ नहीं करना है लेकिन सल्फेट फ्री कंडीशनर का यूज़ जरूर करना चाहिए। इससे बालों में सॉफ्टनेस आती है, काफी स्मूथ हो जाता है। ऐसा नहीं है कि शैंपू को पूरा इग्नोर करना है, दो दिन तक तो नहीं करना होता है।
मैं एक महीने में 2-3 बार ही शैंपू करती हूँ तो मुझे कोई खास फर्क नहीं पड़ा। इसके बाद किसी प्रकार का हीट भी नहीं पड़ना चाहिए और मैं आमतौर पर भी ऐसे गैजेट का यूज़ नहीं करती हूँ। हाँ लेकिन बाहर जाने से धूप की गर्मी तो पड़ती ही है। कितना भी कोशिश कर लूँ पूरी तरह तो नहीं बचा पाती हूँ।
आप ऑयलिंग भी कर सकते हैं अगर आपका स्किन ड्राई है तो क्योंकि नैरिशमेंट् भी जरूरी होती है। मेरा स्केल्प पहले से हीं ऑयली है तो मैं शैंपू करने से पहले हीं ऑयलिंग करती हूँ। और अगर आप कलर के बाद ऑयलिंग कर रहे हैं तो 2-3 बाद ही करें।
फायदे Advantages
1. तेज़ और प्रभावी परिणाम
सिर्फ 30 मिनट में यह बालों को पूरी तरह काला बना देता है।
2. ग्रे कवरेज
यह सफेद बालों को अच्छी तरह कवर करता है और उन्हें पूरी तरह छुपा देता है।
3. बालों की चमक बढ़ाता है
कलर करने के बाद बाल ज्यादा चमकदार और हेल्दी दिखते हैं।
4. सॉफ्ट और स्मूद टेक्सचर
यह बालों को हार्ड या ड्राई नहीं बनाता।
5. आसानी से उपलब्ध
यह लगभग हर किराना स्टोर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
नुकसान Disadvantages
1. केमिकल कंटेंट
हालांकि इसमें कुछ नैचुरल ऑयल्स होते हैं, लेकिन इसमें केमिकल्स भी होते हैं जो कुछ लोगों के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
2. एलर्जी का खतरा
संवेदनशील स्किन वाले लोगों को इससे एलर्जी हो सकती है, इसलिए पैच टेस्ट जरूरी है।
3. लंबे समय तक टिकाऊ नहीं
यह परमानेंट कलर नहीं है, इसलिए कुछ हफ्तों बाद रंग फीका पड़ सकता है।
4. बहुत ज्यादा डैमेज्ड बालों के लिए उपयुक्त नहीं
यदि बाल पहले से ही बहुत खराब हैं, तो यह उन्हें और ड्राई कर सकता है।
निष्कर्ष
उम्मीद है मेरा ये अनुभव आपके लिए फायदेमंद हुआ होगा। अगर आप पहली बार यूज़ करने जा रहे है हेयर कलर तो गार्नियर ब्लैक नैचुरल शेड 2.0 ओरिजिनल ब्लैक ट्राई करना हीं सेफ रहेगा, एक तो इसका असर भी कम रहता है, वक़्त भी कम लगता है और ये ब्लैक है तो हर तरीके से सेफ है।
रेटिंग (Overall Rating)
- क्वालिटी: 4/5
- यूज करने में आसानी: 5/5
- लॉन्ग लास्टिंग: 3.5/5
- वैल्यू फॉर मनी: 5/5
कुल मिलाकर: 4.2/5
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