आजकल सब कुछ कितना आसान हो गया है ना, अब आप सलों जैसा रिजल्ट्स घर पर हीं पा सकते हैं। और ग़ार्नियर हेयर कलर के किट की मदद से आप अपने हेयर को खुद ही कलर भी कर सकते हैं अपने प्रेफरेंस के हिसाब से। इसमे आपको एक नहीं बल्कि बहुत सारे ऑप्शन मिल जायेंगे कलर में।
तो जो भी कलर आपके हेयर के लिए अच्छा होगा, आप उस कलर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ ही यहाँ आपको दो प्रकार के हेयर कलर भी मिल जायेंगे एक जिसका इफेक्ट कम वक़्त (3-4 सप्ताह) के लिए होता है और दूसरा जिसका इफेक्ट थोड़ा लंबा (8-10 सप्ताह) का होता है।
आपको जितना लंबा इफेक्ट चाहिए आप उस हिसाब से कलर चुन सकते हैं। किसी भी कलर का इस्तेमाल करने से पहले आपको एक बार पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए। इससे आपको पता भी चल जायेगा कि कौन सा कलर आपके लुक को और बेहतर बना रहा है। हालाँकि कलर करना तो काफी आसन होता है मगर इसमें आपको सारे स्टेप्स सही से करने होते हैं।
कलर करने से पहले आपको अपने हेयर को प्रेप करना पड़ता है ताकि अच्छी तरह से कलर हो। इसलिए आज के अर्टिकल में हम जानेंगे कि घर पर अपने हेयर को कैसे कलर करना है और ये कितना एफेक्टिव होता है।
हेयर कलर का परिचय
हेयर कलर सिर्फ आपके हेयर के स्टाइलिंग के लिए नहीं होती है इसमें हेयर को स्ट्रॉंग बनाने वाले फॉर्मूला का भी इस्तेमाल किया जाता है जिससे आपके बालों को नौरिशमेंट् मिलती है। चाहे आपको इनका उपयोग स्टाइलिंग के लिए करना हो या अपने ग्रे हेयर छुपाने के लिए- दोनों के लिए एफेक्टिव है। इनमें सल्फेट या कोई भी ऐसा फॉर्मूला नहीं होता है जिससे आपके हेयर को नुकसान पहुँच सके।
कलर करने से पूर्व आपको अपने स्केल्प टाइप का पता करना होगा, कौन सा कलर आपके लुक के साथ जा रहा है- ये सब भी देखना पड़ता है। और इसलिए हमेशा कहा जाता है कि पैच टेस्ट जरूर करवा लें, इससे आपको काफी हद तक क्लैरिटी मिल जाती है। इसका इस्तेमाल करना भी काफी आसान होता है, बस आपको पहली बार पूरी किट के साथ कलर लेनी पड़ेगी क्योंकि उसमें कलरिंग के दौरान उपयोग होने वाले सारे सामान रहते हैं।
आप उनका उपयोग बार बार भी कर सकते है तो अगली बार से आपको बस कलर हीं लेना पड़ेगा, पूरा किट नहीं। वैसे अगर आप चाहे तो आप किट खरीदना स्किप भी कर सकते हैं क्योंकि आपको एक प्लास्टिक के ग्लोव, ब्रश, प्लास्टिक की कटोरी की ही तो जरूरत है।
कम खर्च: सैलून की तुलना में घर पर कलर करना 70–80% सस्ता पड़ता है।
समय की बचत: जब चाहें तब बाल रंग सकते हैं, अपॉइंटमेंट की जरूरत नहीं।
कंट्रोल: आप तय करते हैं कि कितना कलर लगाना है और कौन-सा शेड चुनना है।
सुरक्षा: अगर आप भरोसेमंद ब्रांड का उपयोग करते हैं, तो नुकसान का खतरा बहुत कम होता है।
सही हेयर कलर कैसे चुनें?
रंग चुनना सबसे ज़रूरी कदम है। गलत शेड आपके लुक को बिगाड़ सकता है, इसलिए नीचे दिए टिप्स अपनाएं —
स्किन टोन के अनुसार कलर चुनें:
फेयर स्किन: ब्राउन, ब्लॉन्ड, कॉपर शेड्स अच्छे लगते हैं।
मीडियम स्किन: डार्क ब्राउन, महोगनी या चॉकलेट शेड्स बेहतरीन रहते हैं।
डार्क स्किन: बरगंडी, ब्लू ब्लैक या वाइन रेड शानदार लुक देते हैं।
बालों की क्वालिटी देखें: अगर बाल ड्राई हैं तो एमोनिया-फ्री कलर चुनें।
ब्रांड पर भरोसा करें: गार्नियर, लोरियल, स्ट्रिक्स, बायोटिक, इंडो नेचुरल्स आदि विश्वसनीय हैं।
घर पर कलर करने से पहले कैसे प्रेप करना है?
कलर करने से एक सप्ताह पहले से ही आपको प्रेप करना शुरू कर देना है ताकि अच्छी तरह से कलरिंग हो सके। आपको 4-5 दिन पहले आपने बालों को शैंपू कर लेना है, शैंपू अमोनिया फ्री ही इस्तेमाल किया करे। पहले शैंपू करने से जब तक आप कलर करेंगे तब तक आपका बाल सेट हो जाता है। शैंपू के 1-2 दिन बाल सेट नहीं होता इसलिए इसे 4-5 दिन पहले करना पड़ता है।
शैंपू के बाद अगर आप ब्लो ड्राई या कुछ भी ऐसा यंत्र इस्तेमाल न करें जिससे आपके हेयर को हिट मिल सके, उसे नैचुरेली हीं सूखने दें। इन यंत्रों से हेयर काफी रफ से हो जाते है और जो नैचुरल सॉफ्टनेस होती है वो भी चली जाती है।
हेयर कलरिंग से पहले जरूरी तैयारी
एलर्जी टेस्ट करें: कलर लगाने से 48 घंटे पहले पैच टेस्ट ज़रूर करें।
बालों को ऑयली रखें: कलर करने से एक दिन पहले बाल धोएं नहीं, ताकि नेचुरल ऑयल्स स्कैल्प को प्रोटेक्शन दें।
पुराने कपड़े पहनें: ताकि कलर लगने से दाग न पड़े।
त्वचा की सुरक्षा करें: हेयरलाइन पर वैसलीन या नारियल तेल लगाएं, ताकि स्किन पर कलर न चिपके।
जरूरी सामान तैयार रखें:
हेयर कलर किट
ब्रश और बाउल
दस्ताने
कंघी
शॉवर कैप या प्लास्टिक कवर
घर पर हेयर कलर को कैसे अप्लाई करना है?
हेयर प्रेप करने के 4-5 दिन बाद आप कलर लगा सकते हैं। सबसे पहले तो आप किट को खोल कर उसमें दिया गए सामान को निकाल ले। उसमें दिये हुए ग्लोव को पहन ले और किसी पुराने कपड़े को पहने क्योंकि अक्सर कलर करते वक़्त कपड़े पर थोड़ा लग ही जाता है। ग्लोव और कपड़े के बाद आपको कलरिंग के लिए दो पैकेट मिलेगा आपको दोनों पैकेट को खोल कर प्लास्टिक के कटोरी में मिक्स करना है।
और इसे तब तक मिक्स करे जब तक अच्छा सा पेस्ट न बन जाए जिसे आप अपने हेयर पर अप्लाई कर सके। आपको टेक्स्चर देख कर समझ आ जायेगा कि अच्छे से मिक्स हुआ है या नहीं। पेस्ट के बाद आपको अप्लाई नहीं करना है क्योंकि पहले आपको अपने हेयर को सेक्शन में भाग देना है ताकि कलर अच्छी तरह से लग सके। और सेक्शन में भाग भी रूट से ही करना है क्योंकि कलर को अप्लाई भी रूट से करना होता है।
इन सब के बाद अब आप हेयर कलर अप्लाई कर सकते हैं, इसके कुछ स्टेप्स है जिसे आपको फॉलो करना है। सभी स्टेप्स नीचे बता दिये गए हैं।
• सेक्शन डिवाइड करने के बाद, आपको ब्रश लेना है और उससे आपको अपने हेयर के जड़ों में लगाना है। आप चाहे तो अपनी उंगलियों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। बस लगाना आपको रूट में ही है।
• रूट में लगाने के बाद आपको उन एरिया पर लगाना है जहाँ आपका ग्रे हेयर हो ताकि वो आसानी से छुप जाए। अच्छे से कलर को अपने हेयर में अप्लाई करना है।
• अप्लाई करने के बाद आपको कलर को ऐसे ही छोड़ देना है ताकि आपके हेयर अच्छी तरह से कलर को अब्सर्ब कर ले। अगर आप कम इफेक्ट वाले कलर का इस्तेमाल कर रहें तो 15 मिनट और ज्यादा इफेक्ट वाले के लिए 30 मिनट तक रखना है।
• इसके बाद आप साफ पानी से अपने हेयर को वॉश कर लें।
ध्यान रहे जब आप अपने हेयर को वॉश कर रहे होंगे तो शैंपू का इस्तेमाल न करें। क्योंकि इससे संभावना रहती है कि आपके कलर बाहर निकल आये। इसलिए साफ पानी से ही धोना है, 1-2 दिन बाद ही आपको शैंपू का इस्तेमाल करना है। हाँ लेकिन ज्यादा वक़्त वाले कलर में आपको कंडीशनर किट में दिया जाता है तो आपको बस इसमें ही वॉश के दौरान कंडीशन का इस्तेमाल करना है वो भी वही जो किट में दिया हो।
शैंपू भी वही यूज़ करना है जो सल्फेट फ्री हो, जिसमे कोई भी हानिकारक पदार्थ न हो। और अगर आप कलरिंग के बाद ज्यादा शैंपू करेंगे तो संभावना है कि कलर उसके निर्धारित वक़्त से पहले बाहर निकल जाए। इसलिए शैंपू भी ज्यादा नहीं करना है।
तो कुल मिलाकर देखा जाए तो घर पर हेयर कलर करना एफेक्टिव तो है अगर सही तरीके से और सारे स्टेप सही से फॉलो कर के किया जाए तो। इससे आपके बाहर सलों के पैसे भी बचते हैं, आपको कोई बुकिंग भी नहीं करवानी पड़ती। घर पर जब आपका मन करे आप हेयर प्रेप के साथ कलर कर सकते हैं।
कलर के बाद बालों की देखभाल कैसे करें?
सल्फेट-फ्री शैम्पू का उपयोग करें: ताकि कलर जल्दी न फीके पड़े।
गर्म पानी से बचें: यह कलर को जल्दी उड़ा देता है।
हर हफ्ते डीप कंडीशनिंग करें: ताकि बालों में नमी बनी रहे।
सीधा धूप से बचें: सूर्य की किरणें कलर को फीका करती हैं।
हीट स्टाइलिंग कम करें: स्ट्रेटनर या ड्रायर का उपयोग सीमित करें।
हेयर सीरम लगाएं: यह बालों को स्मूद और शाइनी बनाता है।
क्या हेयर कलर का कोई नैचुरल तरीका है?
अगर आप ये फॉर्मूला वाले कलर का इस्तेमाल नहीं करना चाहते तो कुछ नैचुरल तरीके भी हैं जिनका उपयोग काफी पहले से किया जा रहा है। लेकिन इन सब के लिए आप में संयम होना चाहिए क्योंकि इनका कलर आने में वक़्त लगता है और इन्हें एक से ज्यादा बार अप्लाई भी करना पड़ता है।
आप मेहंदी, कॉफी, या कोई प्लांट से जुड़ी चीज़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालाँकि ये पूरा नैचुरल तरीका है लेकिन आप इसमें भी पैच टेस्ट कर के जरूर देख लें कि ये आपके स्किन पर सूट करता है या नहीं। ये कलर भी परमानेंट नहीं होते हैं, कुछ ही वक़्त के लिए होते हैं।
इन दोनों के अलावा अगर आप इन दोनों को मिलाकर चाहे तो भी लगा सकते हैं। हालाँकि ये एक एक्सपेरिमेंट हो जायेगा और काफी एफेक्टिव भी हो सकता हैं, बस इसमें आपको संयम और मेहनत थोड़ा ज्यादा करना पड़ेगा।
अगर आप कैमिकल कलर से बचना चाहते हैं, तो ये नेचुरल विकल्प आजमा सकते हैं —
मेंहदी (Henna): यह सबसे पुराना और सुरक्षित तरीका है। बालों को ऑरेंज-रेड टोन देती है।
इंडिगो पाउडर: मेंहदी के बाद इंडिगो लगाने से डार्क ब्राउन या ब्लैक कलर मिलता है।
कॉफी या चाय: मजबूत कॉफी या ब्लैक टी से बाल धोने से हल्का ब्राउन शेड आता है।
बीटरूट जूस: यह बालों को वाइन-रेड टच देता है।
कैमोमाइल फ्लावर: हल्के बालों को गोल्डन हाइलाइट देता है।
अपने लिए बेस्ट हेयर कलर कैसे चुने?
अगर आपके सामने बहुत सारे ऑप्शन रख दिया जाए तो ज़ाहिर है कि आप कंफ्यूज़ हो जायेंगे। और हेयर कलर आपको ऐसा चुनना होता है जो आपके पूरे लुक के साथ अच्छा लगे। ऐसे में आप सबसे पहले तो अपनी स्किन और आँखों को देखें। आँखों के रंग से भी आपको अच्छा अनुमान मिल जायेगा कि कौन सा हेयर कलर आपके लिए अच्छा होगा।
रही बात स्किन टोन कि तो जैसा स्किन टोन रहेगा वैसा कलर अच्छा लगेगा। जैसे कूल स्किन टोन के लिए कुल से कलर जैसे ब्लौंड, ऐश, ब्राउन, ब्लैक, आदि। वहीं थोड़ा वॉर्म स्किन टोन है तो आप गोल्डन, कौपर, और कैरामेल के साथ जायेगा। काफी फेयर स्किन टोन है तो आप ग्रीन, पर्पल, ब्लू- ऐसे ब्राइट कलर भी ले सकते हैं। इन कलर से आप हाईलाइट भी कर सकते हैं खास कर के ये ब्राइट कलर को।
अगर आपके आँखों का रंग ब्राउन है तो आप वॉर्म कलर, ऐश कलर और हनी कलर का इस्तेमाल कर सकते हैं। ब्लू आँखों के लिए डार्क कलर का इस्तेमाल अगर आपको इस पर विस्तार पूर्वक अर्टिकल चाहिए तो नीचे कॉमेंट में बताये क्योंकि स्किन टोन और आई कलर काफी मैटर करता है।
बाकि आप चाहे तो आप नैचुरल कलर भी रख सकते हैं जो आपके हेयर का है। उम्मीद है ये पोस्ट आपको अच्छी लगी हो, अगर लगी है तो लाइक करे, नीचे कॉमेंट कर कर अपने अनुभव बताये और अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें। बाकी ऐसी ही जानकारियों के लिए बने रहे हमारे साथ और फॉलो करे हमारे पेज को।
ओम्ब्रे (Ombre): जड़ों से डार्क और सिरों पर लाइट शेड।
हाइलाइट्स: कुछ बालों पर अलग शेड देकर टेक्सचर बढ़ाना।
बालेयाज (Balayage): नैचुरल ग्रेडिएंट लुक के लिए फ्री-हैंड पेंटिंग तकनीक।
रूट टच-अप: सिर्फ सफेद जड़ों पर कलर करना।
इन स्टाइल्स को भी घर पर आसानी से किया जा सकता है अगर थोड़ा धैर्य और अभ्यास हो।
कुछ उपयोगी टिप्स
अगर पहली बार कलर कर रहे हैं, तो सेमी-पर्मानेंट कलर से शुरुआत करें।
बालों पर तेल लगाने से पहले कम से कम 2 दिन का अंतर रखें।
हर बार कलर करने के बाद हेयर मास्क ज़रूर लगाएं।
लंबे समय तक कलर टिकाने के लिए कलर लॉक सीरम का उपयोग करें।
बालों में चमक लाने के लिए सप्ताह में एक बार ठंडे पानी से रिंस करें।
हेयर कलरिंग के साइड इफेक्ट्स (अगर सावधानी न रखी जाए)
बालों का झड़ना: ज्यादा कैमिकल के कारण।
स्कैल्प में खुजली या एलर्जी।
बालों का रूखापन या फ्रीज़।
नेचुरल कलर फीका पड़ जाना।
इन समस्याओं से बचने के लिए एमोनिया-फ्री और ऑर्गेनिक कलर चुनें।
निष्कर्ष
घर पर हेयर कलरिंग करना मुश्किल नहीं, बस सही तैयारी और सावधानी जरूरी है। एक अच्छा ब्रांड, सही कलर चयन, और बाद की देखभाल से आप सैलून जैसे नतीजे पा सकते हैं।
यदि आप पहली बार ट्राय कर रहे हैं, तो हल्का शेड चुनें और हर स्टेप को ध्यान से फॉलो करें। इससे न केवल आपके बाल खूबसूरत दिखेंगे, बल्कि आपकी आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
याद रखें: बालों की असली खूबसूरती सिर्फ कलर में नहीं, बल्कि उनकी हेल्थ और शाइन में छिपी होती है। इसलिए कलर के साथ-साथ पौष्टिक आहार, नियमित तेल मसाज और नैचुरल केयर को भी दिनचर्या में शामिल करें।