जहाँ एक तरफ हेयर कलर का इस्तेमाल कर के लोग ग्रे हेयर को छुपा लेते हैं वहीं दूसरी ओर इसका यूज़ कर के स्टाइलिंग का भी काम करते है। और अगर आपने ध्यान दिया हो तो जिस दिन आपके हेयर परफेक्ट रहते हैं उस दिन आप में अलग हीं किस्म का कॉन्फिडेन्स रहता है।
ग्रे हेयर की समस्या तो आजकल आम सा हो गया है, बढ़ते उम्र के लोगों से ले कर युवाओं तक इस समस्या से गुज़र रहे हैं।
ऐसे में हेयर कलर से बेस्ट और क्या हो सकता है, इसमें आपको काफी वैरिएशं भी मिल जाते है और काफी शेड्स भी रहते हैं तो कवर करने के साथ स्टाइलिंग का भी पूरा ध्यान रखा जाता है।
गार्नियर ब्लैक नैचुरल काफी डिमांड में होता है, एक तो ये ब्लैक है तो नैचुरल इफेक्ट आता है और कवरेज भी अच्छे से करता है। इस हेयर कलर का यूज़ करना भी काफी आसान होता है, आपको कहीं बाहर नहीं जाना होता है सब घर पर हीं हो जाता है।
आपको गार्नियर ब्लैक नैचुरल हेयर कलर के फायदों के बारे में तो काफी पता होगा मगर अब सवाल आता है कि क्या इसके कोई साइड इफेक्ट हैं? इसलिए आज के अर्टिकल में हम उसी के बारे में जानेंगे।
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गार्नियर ब्लैक नैचुरल हेयर कलर का परिचय
ये एक परमानेंट हेयर कलर है जिसका मतलब इसका असर लंबे वक़्त तक रहता है। अगर आप सही से सब फॉलो करेंगे तो 8-10 सप्ताह तक तो इसका असर रहेगा। इसलिए इस हेयर कलर को यूज़ करने के पूर्व आपको सही से शेड चुनना होता है। परमानेंट हेयर कलर से पहले टेंपररी हेयर कलर का इस्तेमाल करना चाहिए इससे आपको अनुभव हो जायेगा कौन सा शेड आपके बालों के लिए सही है।
इस हेयर कलर को भी अमोनिया फ्री फॉर्मूला से बनाया गया है मगर इसका बिल्कुल मतलब नहीं कि इससे आपको कोई साइड इफेक्ट नहीं होगा। इसके साथ इसमें आपको एसेंशियल ऑयल भी मिलेगा जो हेयर के लिए हेल्थि होता है। इसमें अल्मोंड ऑयल और ब्लैक टी एक्स्ट्रैट का इस्तेमाल किया गया है नौरिशमेंट् के लिए।
गार्नियर ब्लैक नैचुरल में मौजूद केमिकल्स
इंग्रेडिएंट्स
इसके मुख्य इंग्रेडिएंट्स भले ही नैचुरल है मगर इसमें कुछ ऐसे केमिकल का यूज़ किया जाता है जिससे आपको नुकसान हो सकता है। ये केमिकल का यूज़ होना भी जरूरी होता है ताकि कलर लंबे वक़्त तक आपके बालों पर रहे। मुख्य फॉर्मूला जिसकी वजह से साइड इफेक्ट होने की संभावना है वो हैं:
सबसे पहले तो PPD आता है जो कि एक कलरिंग एजेंट होता है और इसकी वजह से ब्लैक कलर में गहराई आती है और ये काफी जरूरी है इस हेयर कलर के लिए मगर इससे डेमेज होने की भी संभावना रहती है।
मगर इससे डेमेज होने की भी संभावना रहती है। वहीं दूसरी ओर इसमें Hydrogen Peroxide होता है जो एक ब्लीचिंग एजेंट की तरह काम करता है। ब्लीच करके ये हेयर में कलर भरने का काम करता है।
ये दोनों फॉर्मूला कलरिंग में काफी यूज़ होता है मगर सबसे ज्यादा साइड इफेक्ट भी होने की संभावना इन्हीं से है। साइड इफेक्ट के लिए स्किन टाइप भी देखना पड़ता है क्योंकि बहुत से लोगों का सेंसिटिव स्किन होता है जो ऐसे केमिकल को नहीं झेल पाता है। या बहुत से लोगों के स्किन को मुख्य रूप से इन केमिकल से ही एलर्जी होती है तो उन्हें भी साइड इफेक्ट का सामना करना पड़ता है।
इनमें से कुछ तत्व संवेदनशील त्वचा या कमजोर बालों वाले लोगों में प्रतिक्रिया पैदा कर सकते हैं।
गार्नियर ब्लैक नैचुरल के साइड इफेक्ट
नीचे बताये गए साइड इफेक्ट सभी लोगों के लिए नहीं है मगर जिनपे गार्नियर ब्लैक नैचुरल हेयर कलर सूट नहीं करेगा वो नीचे बताये गए साइड इफेक्ट से गुज़र सकते हैं। आमतौर पर ऐसे हीं साइड इफेक्ट से लोग गुजरते हैं और जरूरी नहीं कि आपको इन सब का सामना करना पड़े। इनमें से कोई एक भो हो सकता है या एक से ज्यादा भी, इसलिए पैच टेस्ट के बाद हीं किसी प्रोडक्ट को यूज़ करने की सलाह दी जाती है।
1. एलर्जी
एलर्जी एक कॉमन साइड इफेक्ट में आता है और ज्यादतर लोगों मे ये PPD के होने की वजह से होता है। सेंसिटिव स्किन वालों को ज्यादा दिक्कत होती है, यदि कोई भी एक फॉर्मूला स्किन पर सूट नही करेगा तो आपको एलर्जी होने की पूरी संभावना रहती है।
इसमें आपको खुजली महसूस होते रहेगी जिसकी वजह से रेडनेस हो जाता है। इसके साथ ही फूल जाता है (swelling) या जलन भी होने लगता है। इसलिए अगर आपको कुछ भी ऐसा महसूस हो उसे अंदेखा न करे, एलर्जी का संकेत हो सकता है।
2. डेमेज
कितना भी नैचुरल इंग्रेडिएंट्स का यूज़ कर लो, जहाँ केमिकल होगा वहाँ डेमेज तो होगा ही। ठीक हेयर को भी केमिकल के होने से डेमेज होने की संभावना रहती है। खास कर के जब आप निर्देशित किये गए वक़्त से ज्यादा कलर को अपने हेयर में रखेंगे तब डेमेज होगा ही क्योंकि केमिकल रीएक्ट कर जाता है।
डेमेज होने की वजह से हेयर को कई सारी समस्या जैसे कि ड्राईनेस, फ्रीज़िनेस और ब्रेकएज का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही हेयर से नैचुरल शाइन भी चला जाता है और आपके हेयर हेल्थ भी बिगड़ने लगता है।
3. स्केल्प इरीटेशन
गार्नियर ब्लैक नैचुरल में मौजूद केमिकल जैसे Hydrogen Peroxide की वजह से स्केल्प में इरीटेशन हो सकता है। स्केल्प को नुकसान मतलब आपके हेयर पर भी बुरा असर पड़ना जैसा होता है क्योंकि हेयर के रूट तो स्केल्प में ही होता है। और सबको पता है हेल्थि हेयर के लिए रूट का हेल्थि रहना कितना जरूरी है।
इसके लक्षण भी एलर्जी की भाँति ही है जैसे ड्राईनेस का हो जाना, दिन भर खुजली का होना या जलन महसूस करना। अगर स्केल्प इरीटेशन 7 को आप अंदेखा करेंगे तो आपका हेयर अपनी नौरिशमेंट् तो खोयेगा हीं और साथ में नैचुरल ऑयल भी खो देगा। इसके साथ हीं आपको डैंड्रफ् भी हो जायेगा।
4. आँखों में इरीटेशन
हेयर कलर को सही से अप्लाई न करने पर आँखों में चले जाने की संभावना होती है जिससे आपको इरीटेशन या अन्य आँखों से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
अगर आप हेयर कलर किट लेंगे तो उसमें आपको जेली मिलता है जिसे आपको अपने हेयर लाइन के पास लगाना होता है ताकि हेयर कलर का पेस्ट कहीं और न बहे। इस प्रकार आप अपनी आँखों को बचा सकते है, आँख काफी सेंसिटिव पार्ट भी होता है इसलिए ध्यान देना जरूरी भी है।
5. अन्य कंडीशन
अगर आप अन्य चीजों से गुज़र रहे हैं जैसे एक्जिमा या अस्थमा तो भी आपको साइड इफेक्ट होने की संभावना है। जैसे हेयर कलर का जो फ्राग्रेंस होता है वो शायद से असर कर सकता है इसलिए आपको ये सब भी देखना होगा। इसके साथ इसमें मौजूद केमिकल खास कर के PPD एक्जिमा जैसी कंडीशन को और ज्यादा खराब कर सकता है।
इसके अलावा अगर कोई भी वजह से गार्नियर ब्लैक नैचुरल हेयर कलर आपको सूट नहीं किया तो आपको सांस से जुड़ी दिक्कत या खाँसी, गले से जुड़ी दिक्कत या उसके फ्राग्रेंस से सर में दर्द ये सब भी हो सकता है। इसलिए इसे यूज़ करने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें ताकि आपको साइड इफेक्ट का सामना न करना पड़े।
क्या गार्नियर ब्लैक नैचुरल कैंसर का कारण बन सकता है?
हेयर कलर को लेकर कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है। अभी तक ऐसा कोई स्पष्ट वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि सामान्य उपयोग से यह सीधे कैंसर का कारण बनता है।
लेकिन कुछ शोधों में लंबे समय तक अत्यधिक केमिकल हेयर डाई इस्तेमाल करने पर स्वास्थ्य जोखिमों की संभावना बताई गई है। इसलिए जरूरत से ज्यादा और बहुत बार इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इसे भी पढें: ग़ार्नियर ब्लैक नैचुरल्स लगाने का सही तरीका और इसके 6 फायदे
किन लोगों को ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए?
1. संवेदनशील त्वचा वाले लोग
अगर आपकी त्वचा जल्दी react करती है तो patch test जरूर करें।
2. अस्थमा मरीज
तेज केमिकल गंध कुछ लोगों में सांस की परेशानी बढ़ा सकती है।
3. गर्भवती महिलाएं
प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी केमिकल प्रोडक्ट का उपयोग डॉक्टर की सलाह से करना बेहतर माना जाता है।
4. किशोर उम्र के बच्चे
कम उम्र में लगातार हेयर कलर इस्तेमाल करना उचित नहीं माना जाता।
क्या गार्नियर ब्लैक नैचुरल रोज इस्तेमाल कर सकते हैं?
नहीं। किसी भी केमिकल हेयर कलर का रोज इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे-
- बाल कमजोर हो सकते हैं
- स्कैल्प खराब हो सकता है
- एलर्जी का खतरा बढ़ सकता है
गार्नियर ब्लैक नैचुरल का सुरक्षित इस्तेमाल कैसे करें?
साइड इफेक्ट से कैसे बचे?
साइड इफेक्ट तो हर प्रोडक्ट में होता है और अगर आपको गार्नियर ब्लैक नैचुरल से साइड इफेक्ट हो रहा है तो आप नैचुरल ऑप्शन का यूज़ कर सकते हैं। इससे साइड इफेक्ट की संभावना सबसे कम होती है, बस आपको ये चेक करना है कि आपका स्किन उस वस्तु से एलर्जी न हो।
सबसे पहले तो आप मेहंदी का यूज़ कर सकते हैं, ये बिल्कुल नैचुरल होता है मगर इसमें आपको ब्लैक शेड तो नहीं मिलेगा। आप हर्बल हेयर डाई का इस्तेमाल कर सकते हैं- ये भृंगराज, आमला, और शिकाकाई। लेकिन अगर आपको हेयर कलर हीं यूज़ करना है तो नीचे कुछ बातें बताई गयी है जिन्हें आपको फॉलो करना होगा।
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1. पैच टेस्ट
साइड इफेक्ट से बचने के लिए पैच टेस्ट सबसे एफेक्टिव ऑप्शन होता है। इससे आपको पता चल जाता है कि हेयर कलर आपके स्किन के लिए सही है या नहीं। हेयर कलर करने से 2-3 दिन पहले आप ये टेस्ट कर लें।
इसके लिए आपको हेयर कलर के पेस्ट का थोड़ा सा मात्रा अपने कान के पीछे लगाना है और छोड़ देना है। अगर आपको कोई इरीटेशन या रेडनेस कुछ नहीं फील हो रहा हो तब ये हेयर कलर आपके लिए साइड इफेक्ट फ्री होगा।
2. निर्देशों को फॉलो करें
हेयर कलर को अप्लाई करने के लिए जो नियम बताये गए है उन्हें फॉलो करें। आपको प्री और पोस्ट हेयर केयर दोनों फॉलो करना है। इससे भी आप साइड इफेक्ट से बच सकते हैं। जितना टाइम कहा गया हो बस उतनी देर तक ही लगे रहने दे, न उस वक़्त से ज्यादा और न उससे कम।
अप्लाई करने के वक़्त आपको अपनी भी केयर करना है, ग्लोव पहन कर अप्लाई करे और जेली का भी इस्तेमाल करें ताकि कलर कहीं और न चला जाए।
गार्नियर ब्लैक नैचुरल लगाने के बाद खुजली हो तो क्या करें?
अगर हल्की खुजली हो तो:
- बाल तुरंत धो लें
- ठंडे पानी का इस्तेमाल करें
- स्कैल्प को न खुजलाएं
- जरूरत हो तो डॉक्टर से सलाह लें
यदि सूजन या सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत मेडिकल सहायता लें।
क्या हेयर कलर से सफेद बाल बढ़ते हैं?
यह एक आम मिथक है। हेयर कलर सीधे सफेद बाल नहीं बढ़ाता, लेकिन लगातार केमिकल उपयोग बालों को कमजोर कर सकता है जिससे वे ज्यादा खराब दिख सकते हैं।
सही हेयर कलर चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें?
ब्रांडेड प्रोडक्ट चुनें
हमेशा भरोसेमंद ब्रांड का ही उपयोग करें।
एक्सपायरी डेट देखें
पुराना प्रोडक्ट स्किन reaction बढ़ा सकता है।
स्किन टाइप समझें
संवेदनशील त्वचा वालों को extra care करनी चाहिए।
कम केमिकल वाले विकल्प चुनें
अमोनिया-फ्री प्रोडक्ट बेहतर हो सकते हैं।
क्या पुरुष और महिलाएं दोनों इसका इस्तेमाल कर सकते हैं?
हाँ, यह प्रोडक्ट पुरुष और महिलाएं दोनों इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन दोनों को समान सावधानियां बरतनी चाहिए।
क्या बच्चों पर इसका इस्तेमाल सुरक्षित है?
कम उम्र के बच्चों पर केमिकल हेयर कलर का उपयोग सामान्यतः सलाह नहीं दिया जाता। बच्चों की त्वचा अधिक संवेदनशील होती है।
उम्मीद है ये पोस्ट आपके लिए हेल्पफुल रहा होगा, अगर आप गार्नियर हेयर कलर का इस्तेमाल करने जा रहे है तो आपको सिर्फ इसके फ़ायदें हीं नहीं बल्कि साइड इफेक्ट का भी पता होना चाहिए।
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